पेपर लीक, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सड़क पर उतरे छात्र, पत्थर गिरजाघर पर प्रदर्शन
प्रयागराज
नीट पेपर लीक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, नई प्राथमिक शिक्षक भर्ती, रिक्त पदों पर नियुक्ति और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर शनिवार को छात्र सड़क पर उतर गए। हजारों की संख्या में नारेबाजी करते हुए छात्रों सिविल लाइंस में सुभाष चौराहे से लेकर पत्थर गिरजाघर तक प्रदर्शन किया और जुलूस निकालकर नारेबाजी की। आंदोलन के मद्देनजर भारी फोर्स बुला ली गई। छात्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते रहे। केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
वहीं संयुक्त युवा मोर्चा और डीएलएड अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश में नई प्राथमिक शिक्षक भर्ती का विज्ञापन तत्काल जारी करने, प्राथमिक विद्यालयों के रिक्त पदों को भरने और भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में प्रशिक्षित युवा वर्षों से भर्ती का इंतजार कर रहे हैं लेकिन सरकार नई भर्ती शुरू नहीं कर रही है।
धरने के दौरान अभ्यर्थियों ने पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने, भर्ती परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और नकलविहीन कराने, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और केंद्र व राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों पर जल्द नियुक्तियां करने की मांग की। छात्र नेताओं ने कहा कि यदि युवाओं की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
छात्रों के प्रदर्शन के चलते सिविल लाइंस क्षेत्र की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। शनिवार दोपहर करीब तीन बजे के बाद बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए। क्षेत्र के प्रमुख चौराहों पर चौतरफा जाम लग गया। कार्यालयों से लौट रहे कर्मचारी, मरीज, स्कूली वाहन और आम राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सबसे अधिक दबाव पत्थर गिरजाघर चौराहा, एकलव्य चौराहा, नवाब यूसुफ रोड, सुभाष चौराहा, हाट स्टफ चौराहा, फायर ब्रिगेड चौराहा और ऑटोसेल्स चौराहा पर रहा। इन मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई वाहन चालकों को कुछ सौ मीटर की दूरी तय करने में 20 से 30 मिनट तक का समय लग गया। छात्रों की भीड़ बढ़ने के साथ ही पुलिस ने एकलव्य, पत्थर गिरजाघर, समेत कई मार्गों पर वनवे व्यवस्था लागू कर यातायात को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
ट्रैफिक पुलिस लगातार वाहनों को वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ती रही, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण व्यवस्था सामान्य होने में काफी समय लगा। जाम का असर महात्मा गांधी मार्ग, सरदार पटेल मार्ग और आसपास की संपर्क सड़कों पर भी देखने को मिला। जाम के दौरान कई जरूरी सेवाओं के वाहनों को भी धीमी गति से निकलना पड़ा। ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिसकर्मी लगातार चौराहों पर तैनात रहकर यातायात सामान्य कराने में जुटे रहे। देर शाम भीड़ कम होने के बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका।पत्थर गिरजाघर के पास पेपर लीक के विरोध में चल रहे प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने अनोखे अंदाज में अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों अभ्यर्थी मौके पर खड़ी फायर ब्रिगेड की गाड़ी पर चढ़ गए। नारेबाजी करते हुए निष्पक्ष भर्ती परीक्षा की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने धरना स्थल पर रखी पुलिस बैरिकेडिंग के साथ भी प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। कुछ युवाओं ने बैरिकेडिंग को साइकिल की तरह चलाने का प्रदर्शन करते हुए अपना विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह प्रतीकात्मक विरोध युवाओं के भविष्य और भर्ती प्रक्रियाओं की लगातार हो रही देरी को दर्शाने के लिए किया गया।
पेपर लीक के विरोध में पत्थर गिरजाघर पर छात्र प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की। करीब 900 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी पर लगाई। इससे पत्थर गिरजाघर चौराहा और आसपास का पूरा इलाका छावनी में तब्दील नजर आया। यहां कई थानों की पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहे।
सुरक्षा व्यवस्था की कमान चार डीसीपी और 10 एसीपी ने संभाली। इनके अलावा सिविल लाइंस, कोतवाली, जॉर्ज टाउन, धूमनगंज, कैंट, शिवकुटी, एयरपोर्ट, करेली समेत अन्य थाना प्रभारियों, निरीक्षकों और काफी संख्या में उपनिरीक्षकों और कांस्टेबलों की ड्यूटी लगाई गई।
डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य लगातार सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे और वायरलेस सेट के माध्यम से फोर्स को आवश्यक निर्देश देते रहे। धरना स्थल के आसपास बैरिकेडिंग कर आवागमन को नियंत्रित किया गया।
संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया, जबकि चौराहों और प्रमुख मार्गों पर भी पुलिस की कड़ी निगरानी रही। प्रदर्शन के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई दल भी तैयार रखा था, हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। पुलिस ने प्रदर्शन समाप्त होने तक सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढील नहीं दी।