योगीराज में ‘भोले बाबा’ उपेक्षित! भूरेश्वर मंदिर के मुख्य द्वार पर जलभराव से श्रद्धालु परेशान

योगीराज में ‘भोले बाबा’ उपेक्षित! भूरेश्वर मंदिर के मुख्य द्वार पर जलभराव से श्रद्धालु परेशान
नवनीत कुमार राम जी
पिहानी (हरदोई): प्रदेश में जहां एक ओर सरकार स्वच्छता और धार्मिक स्थलों के विकास को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं कस्बा पिहानी के एकमात्र प्राचीन भूरेश्वर शिव मंदिर में हालात इन दावों की पोल खोलते नजर आ रहे हैं। मंदिर के मुख्य द्वार पर गंदे पानी का जलभराव और कीचड़ ने श्रद्धालुओं की आस्था के मार्ग को कठिन बना दिया है।
मंदिर में दर्शन करने आने वाले सैकड़ों भक्तों को रोजाना कीचड़ और गंदगी से होकर गुजरना पड़ रहा है। हालात इतने बदतर हैं कि भगवान भोलेनाथ का दरबार खुद उपेक्षा का शिकार नजर आ रहा है।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में नगर पालिका प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान का असर केवल कागजों तक सीमित रह गया है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है।
क्या बोले स्थानीय लोग
“जब भोले बाबा ही कीचड़ में फंसे हैं, तो आम आदमी की क्या बिसात। नगर पालिका पूरी तरह लापरवाह बनी हुई है।” — एक स्थानीय श्रद्धालु
“स्वच्छता अभियान सिर्फ कागजों पर दौड़ रहा है, जमीनी स्तर पर कहीं कोई व्यवस्था नजर नहीं आती।” — व्यापारी वर्ग
—– प्रशासन से मांग:
श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों ने तत्काल जल निकासी, सफाई व्यवस्था और मार्ग सुधार की मांग की है, ताकि आस्था के केंद्र को सम्मानजनक स्थिति मिल सके।
— अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कब ध्यान देते हैं और ‘भोले बाबा’ को इस बदहाल स्थिति से कब राहत मिलती है।
Ashok Dwivedi

