​सासनी के ततारपुर में कृष्ण-सुदामा मिलन की कथा सुनकर भावुक हुए भक्त

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​सासनी के ततारपुर में कृष्ण-सुदामा मिलन की कथा सुनकर भावुक हुए भक्त

​सासनी. क्षेत्र के ग्राम ततारपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का छठा दिन भक्ति और भाव से ओत-प्रोत रहा। कथा के इस पावन अवसर पर भागवत आचार्य विनीता भारद्वाज ने भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम मित्र सुदामा के अटूट मित्रता प्रसंग का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया।
​कथा व्यास विनीता भारद्वाज ने जैसे ही सुदामा के द्वारिका आगमन और श्रीकृष्ण द्वारा अपने मित्र के चरणों को अपने आंसुओं से धोने के प्रसंग को सुनाया, संपूर्ण पांडाल भावुक हो उठा। आचार्य ने बताया कि “सच्ची मित्रता वही है जो बिना कहे ही मित्र का दुख समझ ले।” उन्होंने कहा कि सुदामा की गरीबी केवल भौतिक थी, उनका मन प्रभु की भक्ति में सदैव समृद्ध था। श्रीकृष्ण का सुदामा को गले लगाना यह सिखाता है कि भक्ति के मार्ग में कोई छोटा या बड़ा नहीं होता। ​इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में यजमानों और ​मुख्य यजमान यज्ञपति चंदन सिंह कुशवाहा एवं महादेवी,​परीक्षित राजकुमार कुशवाहा, देवकोरी देवी सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिक और सैकड़ों श्रद्धालु कथा का रसास्वादन करने के लिए उपस्थित रहे। ​कथा के दौरान ‘कृष्ण-सुदामा मिलन’ की सुंदर झांकी भी सजाई गई, जिसे देखकर भक्त झूम उठे। कथा स्थल पर जयकारों और भजनों से वातावरण गुंजायमान रहा। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि धार्मिक आयोजनों से समाज में प्रेम और भाईचारे की भावना प्रबल होती है।​कार्यक्रम के अंत में आरती हुई और प्रसाद का वितरण किया गया।

MANOJ VAISHYA

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