टीईटी अनिवार्यता के विरोध में सड़कों पर उतरे शिक्षक

पैदल मार्च कर जताया विरोध
हरदोई। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तले सोमवार को जिले में शिक्षकों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में विशाल पैदल मार्च और प्रदर्शन किया।
शिक्षकों का हुजूम गांधी भवन में एकत्रित हुआ, जहां से नारेबाजी करते हुए शहर की सड़कों पर मार्च निकाला गया। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर विरोध जताया। गांधी भवन में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए आलोक मिश्र ने कहा कि पुराने शिक्षकों पर जबरन टीईटी लागू करना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने इस नियम में संशोधन नहीं किया तो शिक्षक संसद तक आंदोलन तेज करने को बाध्य होंगे। उन्होंने इसे “काला कानून” बताते हुए तत्काल समाप्त करने की मांग की।
सभा को संबोधित करते हुए अटेवा के जिलाध्यक्ष जैनुल खान ने कहा कि आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी थोपना तर्कसंगत नहीं है। वहीं टीएससीटी के शरीफुद्दीन, सुनील कुमार यादव, अरुणेश प्रताप सिंह, दीपांकर गौतम और उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट) के जिलाध्यक्ष सुधीर गंगवार सहित अन्य वक्ताओं ने भी सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए शिक्षकों से एकजुट रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में शिक्षकों ने प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में टीईटी की अनिवार्यता को तत्काल समाप्त करने तथा सेवा नियमों में संशोधन की मांग की गई। इस दौरान प्रदेश सलाहकार अटेवा ओम प्रकाश कनौजिया, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरीश दीक्षित, जिला मंत्री एम.पी. सिंह, जिला उपाध्यक्ष अनुराग पांडे, अनूप दीक्षित, बीना वर्मा, नीलिमा देशवाल, बृजलाल वर्मा, आशीष दीक्षित, प्रभा शंकर, अजय सिंह, राघवेन्द्र शर्मा, नरेन्द्र शर्मा, मनीष राठौर, लाल बहादुर सरोज, मदनलाल, रविन्द्र यादव, पुष्पेन्द्र शुक्ला, नीरज गुप्ता, मुकेश कुमार, रजनेश कुमार, रीना राणा, सिद्धार्थ पांडे, विनोद कुमार, विकाश शर्मा, श्रुति यादव, अभिषेक गुप्ता, अनवारूल हक, बृजमोहन सिंह, आशीष तिवारी, दुर्विजय सिंह, अखिलेंद्र सिंह, कमलेश कुमार, संतोष कुमार, अवधेश यादव, सुनीत तिवारी, कुलदीप द्विवेदी सहित हजारों शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
Sudhir Gangwar

