चेहरे के लकवे की गंभीरता बताएगा एआई, डॉ. ईशान के शोध को 8.72 लाख की मंजूरी
उत्तम हिंदुस्तान ब्यूरो बिजनौर
बिजनौर। राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज (आरईसी), बिजनौर के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के विभागाध्यक्ष एवं RAISE फाउंडेशन इनक्यूबेशन सेंटर के प्रभारी डॉ. ईशान भारद्वाज ने शोध के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, उत्तर प्रदेश (सीएसटीयूपी) ने उन्हें मेडिकल रिसर्च की महत्वपूर्ण परियोजना में सह-अन्वेषक (को-पीआई) के रूप में चुना है। इस दो वर्षीय परियोजना के लिए परिषद ने 8.72 लाख रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की है।इस शोध परियोजना के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग तकनीक का इस्तेमाल कर चेहरे के लकवे (फेशियल पैरालिसिस) की गंभीरता का सटीक आकलन करने वाली प्रणाली विकसित की जाएगी। इस तकनीक से मरीज घर बैठे अपनी बीमारी की स्थिति की निगरानी कर सकेंगे। साथ ही डॉक्टरों को मरीज की स्थिति समझने और इलाज से जुड़े बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी। परियोजना के लिए स्वीकृत धनराशि दो वर्षों में 4.36-4.36 लाख रुपये की किस्तों में जारी की जाएगी। इसमें जूनियर रिसर्च असिस्टेंट की नियुक्ति और उसके मानदेय के अलावा आवश्यक उपकरणों, यात्रा तथा अन्य आकस्मिक खर्चों का प्रावधान किया गया है। डॉ. ईशान भारद्वाज ने बताया कि बायोमेट्रिक तकनीक और मॉडलिंग के क्षेत्र में उनका पूर्व अनुभव इस शोध में उपयोगी साबित होगा। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने साथी अन्वेषक को देते हुए संस्थान के प्रशासन और सीएसटीयूपी का आभार जताया। इस उपलब्धि से राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, बिजनौर में तकनीकी नवाचार और चिकित्सा क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा।