थाना प्रभारी के तबादले की फर्जी खबर वायरल करने पर पुलिस की कार्रवाई, पुलिस ने फर्जी पत्रकार का किया चालान
एआई से अखबार तैयार कर खुद को बताता था पत्रकार और संपादक,
उत्तम हिंदुस्तान ब्यूरो बिजनौर
बिजनौर। अगर आप AI पर समाचार पत्र बनाकर खुद को पत्रकार और संपादक बता रहे तो अब सावधान हो जाएं। क्योंकि पुलिस आप पर एक्शन ले सकती हैं। ऐसे ही एक AI पर खुद का अखबार तैयार करके भ्रामक खबरें सोशल मीडिया फैलाने वाले एक फर्जी पत्रकार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसका चालान किया है।
मंडावर में सोशल मीडिया पर भ्रामक और झूठी खबरें प्रसारित करना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। थाना प्रभारी के तबादले की फर्जी खबर वायरल करने के मामले में मंडावर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी का चालान किया है। आरोप है कि वह एआई तकनीक की मदद से अखबार जैसा समाचार पत्र तैयार कर खुद को पत्रकार और संपादक बताता था तथा व्हाट्सएप समूहों में भ्रामक खबरें प्रसारित करता था।
मंडवार कस्बे के मोहल्ला बंजारान निवासी सलमान मकरानी पुत्र वाजिद मकरानी पर आरोप है कि वह काफी समय से एआई तकनीक का इस्तेमाल कर क्षेत्र से जुड़ी भ्रामक खबरें तैयार कर सोशल मीडिया और व्हाट्सएप समूहों में प्रसारित कर रहा था। पुलिस के अनुसार, उसे पहले भी कई बार हिदायत दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद उसकी गतिविधियां जारी रहीं।
हाल ही में आरोपी ने मंडावर थाना प्रभारी निरीक्षक विपिन कुमार के तबादले को लेकर झूठी और भ्रामक पोस्ट तैयार कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। इससे क्षेत्र में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस ने जांच की और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसका चालान कर दिया।
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी के पास किसी मान्यता प्राप्त समाचार पत्र या समाचार चैनल का पहचान पत्र अथवा आरएनआई से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं मिला। आरोप है कि वह बिना किसी अधिकृत पहचान के खुद को पत्रकार और संपादक बताकर लोगों के बीच अपनी पहचान बना रहा था।
वहीं थाना प्रभारी निरीक्षक विपिन कुमार ने स्पष्ट किया कि उनके तबादले की खबर पूरी तरह निराधार है। वह वर्तमान में मंडावर थाने में ही तैनात हैं और अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करें और बिना पुष्टि किए उन्हें आगे साझा न करें।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में फर्जी पत्रकारिता और सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने वालों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।