हाथरस पुलिस बनी बच्चों के सपनों की उड़ान, महिला आरक्षियों ने 5 गरीब बच्चों का कराया स्कूल में दाखिला, संवेदनशील पहल: शिक्षा से जुड़ेंगे घुमंतू परिवारों के बच्चे, एसपी ने की सराहना

हाथरस। जहां संवेदनाएं कर्तव्य से जुड़ जाती हैं, वहां पुलिस केवल कानून की रक्षक नहीं बल्कि समाज के भविष्य की निर्माता बन जाती है। हाथरस पुलिस की नव नियुक्त महिला रिक्रूट आरक्षियों ने मानवता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायी उदाहरण पेश करते हुए आर्थिक रूप से कमजोर घुमंतू परिवारों के पांच बच्चों का विद्यालय में प्रवेश कराया।
गुरुवार को महिला थाना प्रभारी रितु तोमर के नेतृत्व में नव नियुक्त महिला आरक्षी राधिका और इच्छिता ने स्वप्रेरणा से जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का सराहनीय कार्य किया। इस दौरान कु. मोहिनी का प्रवेश वी.सी. झूरिया विद्यालय में कराया गया, जबकि कु. काजल और गुड़िया को प्राथमिक विद्यालय गिजरौली तथा पिंकी और सनी को उच्च प्राथमिक विद्यालय गिजरौली में दाखिला दिलाया गया।
पुलिस टीम ने बच्चों को पुस्तकें, कॉपियां, स्कूल ड्रेस और अन्य शैक्षिक सामग्री भी उपलब्ध कराई। बच्चों के अभिभावकों ने भावुक होकर बताया कि आर्थिक तंगी के कारण वे वर्षों से अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेज पा रहे थे। पुलिस की इस मानवीय पहल से परिवारों में खुशी का माहौल है।
महिला थाना प्रभारी रितु तोमर ने बताया कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान महिला आरक्षी राधिका और इच्छिता ने वंचित बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का संकल्प लिया था। इसी भावना के तहत उन्होंने परिवारों से संपर्क कर अभिभावकों को जागरूक किया और प्रवेश प्रक्रिया पूरी कराई।
पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने महिला थाना टीम के इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस का दायित्व केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि समाज के जरूरतमंद वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना भी है। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा से जोड़ना समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी सेवा है।
हाथरस पुलिस की यह पहल समाज में शिक्षा, संवेदनशीलता और विश्वास की नई मिसाल बन रही है।
Jitendra


