आत्मनिर्भरता का सफर: आगरा में DDU-GKY 2.0 का रोडमैप तैयार अब ‘प्रोजेक्ट

0
1011086222.jpg
Spread the love

1011086222.jpg

आत्मनिर्भरता का सफर: आगरा में DDU-GKY 2.0 का रोडमैप तैयार अब ‘प्रोजेक्ट मोड’ नहीं ‘बैच मोड’ पर होगा काम MoRD के मार्गदर्शन में UPSDM की ओर से आगरा में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने किया वर्कशॉप का शुभारंभ ग्रामीण भारत के युवाओं को ‘सतत कौशल’ से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर आगरा / लखनऊ : 07 मई 2026। ग्रामीण भारत के युवाओं के सपनों को हकीकत में बदलने और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से ताजनगरी आगरा में दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का आगाज हुआ। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में उत्तर प्रदेश सहित पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के 9 राज्यों के मिशन निदेशकों, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और विशेषज्ञों ने शिरकत की। दीन दयाल उपाध्याय-ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) और ग्रामीण स्व-रोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) के माध्यम से ग्रामीण भारत के कायाकल्प और इन योजनाओं को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप ढालने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया है। कार्यशाला का शुभारंभ उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के मिशन निदेशक पुलकित खरे ने दीप प्रज्जवलित कर किया। प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि इस दो दिवसीय सत्र को एक ‘बेस कैंप’ की तरह माना जाए, जहां से हम ऊंचाइयों की ओर बढ़ेंगे । उन्होंने कहा कि हमें आत्ममंथन करना होगा कि DDU-GKY 1.0 में हमने कहां गलतियां कीं और किन राज्यों ने शानदार प्रदर्शन किया। यह एक-दूसरे से सीखने का मंच है। हमारा लक्ष्य केवल वार्षिक योजना बनाना नहीं, बल्कि उसे धरातल पर उतारना है क्योंकि कौशल विकास फाइलों में नहीं, बल्कि जमीन पर होता है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ग्रामीण युवाओं के लिए ट्रेनिंग केवल एक कोर्स नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व के निर्माण का जरिया होनी चाहिए। हमें लाभार्थी को केंद्र में रखकर सोचना होगा कि हमारी ट्रेनिंग से उनकी जिंदगी कितनी बदली। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय (कौशल) के निदेशक श्री संतोष तिवारी ने कार्यशाला में भविष्य की रणनीतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 16वें वित्त आयोग के कार्यकाल के लिए इस योजना के अगले चरण को वित्त मंत्रालय की मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बन जाएंगे, सड़कें बन जाएंगी और एक समय आएगा जब देश इन क्षेत्रों में ‘सैचुरेट’ हो जाएगा, लेकिन कौशल विकास कभी सैचुरेट नहीं हो सकता। हमें निरंतर रि-स्किलिंग और अप-स्किलिंग की आवश्यकता होगी। उन्होंने राज्यों को आश्वासन दिया कि मंत्रालय जल्द ही ‘मदर सैंक्शन’ जारी करेगा। उन्होंने राज्यों से फंड के बेहतर उपयोग की अपील करते हुए कहा कि हमें इस बार चारों किस्तों का पूर्ण उपयोग करना है ताकि हमारा व्यय धरातल पर दिखाई दे। कार्यशाला में तकनीकी सत्रों के माध्यम से बताया गया कि DDU-GKY के नए संस्करण (2.0) में व्यापक बदलाव किए गए हैं। अब प्रोजेक्ट मोड के स्थान पर बैच मोड पेमेंट की व्यवस्था लागू की गई है और पूरी प्रक्रिया को डिजिटलाइज्ड कर दिया गया है। प्लेसमेंट की अवधि को भी बढ़ाया गया है ताकि युवाओं को मिलने वाला रोजगार अधिक टिकाऊ हो। RSETI के अंतर्गत अब ग्रीन टेक्नोलॉजी, एआई और इमर्जिंग सेक्टर्स के कोर्सेज को जोड़ा जा रहा है। वर्कशॉप में MIS (मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम) टीमों के लिए विशेष सत्र रखे गए हैं। मिशन निदेशक पुलकित खरे ने कहा कि MIS टीमें ही योजनाओं को तकनीकी ‘कटिंग एज’ प्रदान करती हैं। ऑनबोर्डिंग, ट्रेनिंग और प्लेसमेंट ट्रैकिंग जैसे कठिन तकनीकी पहलुओं को सुलझाने के लिए मंत्रालय और एनआईसी (NIC) के विशेषज्ञ अधिकारियों ने सीधी चर्चा की। इस अवसर पर DDU-GKY के सीओओ आशीष कुमार, (UPSDM) के वित्त नियंत्रक संदीप कुमार, असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. एम.के सिंह सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और टीम के सदस्य मौजूद रहे। कार्यशाला के पहले दिन अंडमान निकोबार, असम, मिजोरम, महाराष्ट्र और अरुणाचल प्रदेश के प्रतिनिधियों ने अपनी ‘बेस्ट प्रैक्टिसेस’ साझा कीं। सभी की प्रेजेंटेशन से यह निष्कर्ष निकाला कि ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मंत्र को साकार करने के लिए ग्रामीण भारत के अंतिम छोर पर बैठे युवा को मुख्यधारा में लाना ही मंत्रालय का वास्तविक मैंडेट है। यह कार्यशाला आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। आज कार्यशाला के दूसरे दिन शुक्रवार को सिक्किम, उड़ीसा और मेजबान उत्तर प्रदेश द्वारा प्रेजेंटेशन दी जाएगी।

Ashok Dwivedi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed