इंदौर से मुंबई तक लेखनी का सफर, इतिहास की अनकही कहानियों को आवाज दे रहीं शिखा सेंगर
हजारों फॉलोअर्स के बीच अलग पहचान, इतिहास, संस्कृति और समसामयिक मुद्दों पर तथ्यपरक लेखन बना पहचान
मुंबई। लेखन के जुनून को पेशे में बदलकर इतिहास और समाज से जुड़े मुद्दों को नई आवाज देने वाली शिखा सेंगर ने सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। हजारों फॉलोअर्स के बीच उनकी लेखनी को लगातार पसंद और सराहा जा रहा है। भारतीय इतिहास, संस्कृति और सामाजिक विषयों पर तथ्य, शोध और निष्पक्ष दृष्टिकोण के साथ अपनी बात रखने वाली शिखा अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी मजबूत पहचान कायम कर चुकी हैं।
इंदौर में जन्म और शिक्षा पाने वाली शिखा सेंगर के पिता पुलिस विभाग में रहे हैं, जबकि उनकी माता सामाजिक कार्यकर्ता हैं। पारिवारिक संस्कारों के बीच पली-बढ़ीं शिखा ने सेंट अर्नोल्ड हायर सेकेंडरी स्कूल से स्कूली शिक्षा पूरी की। इसके बाद श्री अरबिंदो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज से बी.फार्म की पढ़ाई की। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने एमएनसी में नौकरी की, लेकिन बचपन से ही लेखन के प्रति उनका लगाव उन्हें एक अलग दिशा में ले गया।
2017 में मुंबई बनी कर्मभूमि
वर्ष 2017 में मुंबई को अपनी कर्मभूमि बनाने के बाद शिखा ने अपने लेखन के शौक को धीरे-धीरे प्रोफेशन में बदल दिया। इसी दौरान इतिहास के प्रति उनकी रुचि गहरी होती गई। उन्होंने भारतीय इतिहास के ऐसे प्रसंगों और अनकही कहानियों को सामने लाने का प्रयास शुरू किया, जिन्हें आमतौर पर कम चर्चा मिलती है। उनके लेखन में इतिहास के साथ संस्कृति, परंपरा और वर्तमान सामाजिक सरोकारों की झलक भी देखने को मिलती है।
राजपूत इतिहास में विशेष रुचि
शिखा सेंगर की राजपूत इतिहास और संस्कृति में विशेष रुचि है। स्वयं राजपूत समाज से जुड़ी शिखा का विवाह के बाद उत्तर प्रदेश के बहराइच और भदौरिया कुल से भी पारिवारिक जुड़ाव हुआ। हालांकि उनका लेखन किसी एक समाज तक सीमित नहीं है। उनका प्रयास भारत के विभिन्न समाजों, उनकी संस्कृति, परंपराओं और इतिहास को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाना है।
तथ्यों के साथ समसामयिक मुद्दों पर भी बेबाक राय
इतिहास के साथ शिखा सामाजिक और समसामयिक मुद्दों पर भी अपनी बात रखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि किसी विषय पर राय रखने से पहले तथ्यों को समझा जाए और निष्पक्ष दृष्टिकोण के साथ बात लोगों तक पहुंचाई जाए। यही संतुलित अंदाज सोशल मीडिया पर उनकी पहचान को मजबूत कर रहा है।
शिखा सेंगर के अनुसार, लोगों का प्यार, विश्वास और लगातार मिल रहा समर्थन ही उनके सफर की सबसे बड़ी ताकत है। लेखन के माध्यम से इतिहास और समाज से जुड़े विषयों को लोगों तक पहुंचाने का उनका प्रयास लगातार जारी है।