मिशन शक्ति फेज-6.0: लखनऊ जोन में 12 मामलों में दोषियों को सजा, पीड़िताओं को ₹65 लाख की आर्थिक सहायता*
*मिशन शक्ति फेज-6.0: लखनऊ जोन में 12 मामलों में दोषियों को सजा, पीड़िताओं को ₹65 लाख की आर्थिक सहायता*
*आजीवन कारावास से लेकर 20 वर्ष तक के कठोर कारावास की सजा, महिला सुरक्षा और पुनर्वास पर पुलिस का विशेष जोर*
लखनऊ,
उत्तर प्रदेश में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, अपराधों की रोकथाम और पीड़िताओं को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से संचालित मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत लखनऊ जोन पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई की है। सितंबर 2026 के दौरान जोन के विभिन्न जनपदों में 12 मामलों में प्रभावी अभियोजन एवं पैरवी के परिणामस्वरूप अभियुक्तों को विभिन्न सजाएं और अर्थदण्ड दिलाए गए। वहीं, पीड़िताओं को आर्थिक सहायता, सुरक्षा एवं पुनर्वास योजनाओं से जोड़ने की दिशा में भी उल्लेखनीय कार्य किए गए।
अपर पुलिस महानिदेशक, लखनऊ जोन कार्यालय के अनुसार, महिला एवं बालिका सुरक्षा उत्तर प्रदेश शासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी क्रम में पुलिस द्वारा अपराधों की रोकथाम, गुणवत्तापूर्ण विवेचना, प्रभावी अभियोजन, पीड़िताओं को तत्काल सहायता, चिकित्सीय सहयोग, काउंसलिंग और पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
*कई मामलों में आजीवन कारावास की सजा*
मिशन शक्ति अभियान के तहत हरदोई, रायबरेली, अयोध्या और सुल्तानपुर सहित विभिन्न जनपदों में गंभीर अपराधों के मामलों में अभियुक्तों को कड़ी सजा दिलाई गई।
हरदोई के अतरौली थाना क्षेत्र के एक मामले में अभियुक्त को आजीवन कारावास के साथ 70 हजार रुपये का अर्थदण्ड दिया गया। रायबरेली के हरचंदपुर थाना क्षेत्र में दर्ज मामले में अभियुक्त को आजीवन कारावास और 1.50 लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अयोध्या के इनायतनगर थाना क्षेत्र के मामले में भी अभियुक्त को आजीवन कारावास तथा 50 हजार रुपये का अर्थदण्ड मिला।
वहीं, सुल्तानपुर के बल्दीराय थाना क्षेत्र में हत्या के मामले में दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया गया।
*पॉक्सो समेत गंभीर अपराधों में कठोर सजा*
खीरी के ईसानगर थाना क्षेत्र में दर्ज मामले में अभियुक्त को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। सीतापुर के मानपुर थाना क्षेत्र के मामले में 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई।
सुल्तानपुर के चांदा थाना क्षेत्र में पॉक्सो एक्ट से संबंधित मामले में अभियुक्त को 20 वर्ष का कठोर कारावास और 28 हजार रुपये का अर्थदण्ड मिला। मोतिगरपुर थाना क्षेत्र के मामले में चार वर्ष का कठोर कारावास तथा 15 हजार रुपये का अर्थदण्ड लगाया गया।
बाराबंकी के बद्दूपुर थाना क्षेत्र में अभियुक्त को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 70 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अमेठी के मुसाफिरखाना थाना क्षेत्र में भी अभियुक्त को 20 वर्ष का कठोर कारावास और 25 हजार रुपये का अर्थदण्ड मिला। सुल्तानपुर के कूरेभार थाना क्षेत्र में एक अन्य मामले में अभियुक्त को नौ वर्ष के कठोर कारावास तथा पांच हजार रुपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई। उन्नाव के डीह थाना क्षेत्र के मामले में अभियुक्त पर एक हजार रुपये का अर्थदण्ड लगाया गया।
*21 पीड़िताओं को मिले 65 लाख रुपये*
दोषियों को सजा दिलाने के साथ-साथ मिशन शक्ति टीमों ने पीड़िताओं की सहायता एवं पुनर्वास के लिए भी कदम उठाए। खीरी में रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष योजना के तहत 25 सितंबर 2026 को 21 महिला पीड़िताओं को कुल 65 लाख रुपये की अनुदान राशि उपलब्ध कराई गई।
बाराबंकी में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक गुमशुदा महिला को सकुशल बरामद कर उनके परिजनों से मिलाया। वहीं, उन्नाव के बांगरमऊ थाना क्षेत्र में पति की मृत्यु के बाद आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रही महिला को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराकर विधवा पेंशन योजना का लाभ दिलाया गया।
*महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना लक्ष्य*
लखनऊ जोन पुलिस के अनुसार, मिशन शक्ति फेज-6.0 का उद्देश्य केवल अपराधियों को सजा दिलाना ही नहीं, बल्कि पीड़िताओं को आर्थिक सहायता, सुरक्षा, काउंसलिंग और पुनर्वास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग करना भी है। पुलिस द्वारा शासन की कल्याणकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को उनसे जोड़ने का कार्य भी किया जा रहा है।
अभियान के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने, अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने और पीड़िताओं को सम्मानपूर्वक जीवनयापन के लिए सशक्त बनाने पर जोर दिया जा रहा है।