सरोजनीनगर के खटोला गांव में हरे पेड़ों की अवैध कटाई: लकड़ी माफियाओं के हौसले बुलंद, वन विभाग की लीपापोती जारी

Oct 16, 2026 - 10:19
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सरोजनीनगर के खटोला गांव में हरे पेड़ों की अवैध कटाई: लकड़ी माफियाओं के हौसले बुलंद, वन विभाग की लीपापोती जारी
​लखनऊ:
राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम सभा खटोला से पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाली एक गंभीर खबर सामने आई है। यहाँ लकड़ी माफियाओं ने कानून और प्रशासन को ठेंगा दिखाते हुए आम और महुआ के लगभग आधा दर्जन हरे-भरे पेड़ों पर आरी चलाकर उन्हें धराशाई कर दिया है।
​वन विभाग की भूमिका पर उठ रहे सवाल
​स्थानीय लोगों के अनुसार, इस अवैध कटाई की सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई थी। लेकिन हैरानी की बात यह है कि विभाग की तरफ से इस गंभीर मामले में कोई सख्त कार्रवाई करने के बजाय केवल "जांच कर कार्रवाई करने" का रटा-रटाया और लीपापोती भरा जवाब देकर मामले को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की जा रही है। वन विभाग की इस लचर कार्यप्रणाली के चलते लकड़ी माफियाओं के हौसले और अधिक बुलंद हो गए हैं।
​कागजी दावे बनाम जमीनी हकीकत
​एक तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री हर साल करोड़ों पौधे लगाने और हरित आवरण को बढ़ाने का बड़ा दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सरोजनीनगर क्षेत्र में हर महीने सैकड़ों हरे पेड़ों पर धड़ल्ले से आरे चल रहे हैं। जमीनी हकीकत यह है कि वन विभाग की नाक के नीचे चल रहे इस अवैध कटान के खेल से लकड़ी माफिया मालामाल हो रहे हैं और मोटी कमाई कर रहे हैं, जबकि पर्यावरण को भारी क्षति पहुंच रही है।
​मुख्य बिंदु:
​स्थान: ग्राम सभा खटोला, सरोजनीनगर (लखनऊ)
​कटे हुए पेड़: आम और महुआ के करीब आधा दर्जन हरे पेड़
​जिम्मेदार कौन: सक्रिय लकड़ी माफिया और वन विभाग की उदासीनता
​इस पूरे मामले ने प्रशासन और वन विभाग की कार्यशैली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। क्या अब इस मामले में कोई ठोस और नज़ीर पेश करने वाली कार्रवाई होगी, या फिर यह मामला भी फाइलों में ही दफन होकर रह जाएगा?