कांग्रेस नेता विवेक उपाध्याय का आरोप: बिना किसी आदेश के पुलिस ने रात भर घर में रखा

कांग्रेस नेता विवेक उपाध्याय का आरोप: बिना किसी आदेश के पुलिस ने रात भर घर में रखा नजरबंद
सासनी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए लोकतंत्र की आवाज दबाने का प्रयास बताया है। उन्होंने एक प्रेस नोट जारी कर दावा किया कि बुधवार की रात लगभग 10 बजे से पुलिस ने उन्हें बिना किसी कानूनी आधार या लिखित आदेश के उनके ही घर में रोक कर (हाउस अरेस्ट) रखा। रात भर पुलिस बल उनके घर पर तैनात रहा, लेकिन प्रशासन की ओर से उन्हें कोई आधिकारिक नोटिस या स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। विवेक उपाध्याय के अनुसार, उन्होंने इस नजरबंदी का कारण जानने के लिए सासनी कोतवाली प्रभारी विपिन चौधरी से फोन पर बात की। जब उन्होंने इस कार्रवाई का वैधानिक आधार पूछा, तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। कोतवाल की ओर से केवल इतना कहा गया कि पुलिस उनसे नॉर्मल तरीके से मिलने के लिए भेजी गई है। कांग्रेस नेता ने इस पर तीखा सवाल उठाते हुए कहा अगर यह सिर्फ एक सामान्य मुलाकात थी, तो रात भर भारी पुलिस बल का मेरे घर पर मौजूद रहना किस बात का संकेत है. क्या अब लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज उठाना अपराध बन चुका है.विवेक उपाध्याय ने कहा कि वे लगातार बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, पेपर लीक, प्रदूषण, किसानों और युवाओं की समस्याओं को मजबूती से उठा रहे हैं, जिससे सत्ता और प्रशासन असहज महसूस कर रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस का कार्यकर्ता इस तरह के मानसिक दबाव और डर की राजनीति से डरने वाला नहीं है.उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए पूछा कि क्या राज्य में विपक्ष के नेताओं को बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के रोकना अब आम बात हो गई है? उन्होंने मांग की है कि यदि प्रशासन के पास उन्हें रोकने का कोई ठोस कारण या लिखित आदेश है, तो उसे तुरंत सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि देश संविधान से चलता है, डर और दबाव से नहीं।
MANOJ VAISHYA

