शत्रु संपत्ति पर कब्जे का आरोप, प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल

शत्रु संपत्ति पर कब्जे का आरोप, प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल
ब्यूरो चीफ : बिजनौर
बिजनौर। नजीबाबाद तहसील क्षेत्र के ग्राम हर्षवाड़ा बीए में भारत सरकार के अधीन शत्रु संपत्ति पर अवैध निर्माण और कब्जे का मामला प्रकाश में आया है। शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण में तहसील प्रशासन के कुछ अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खसरा संख्या 31 की उक्त भूमि को शत्रु संपत्ति बताया गया है, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। इस भूमि को लेकर विवाद पहले से ही उपजिलाधिकारी न्यायालय में लंबित है। इसके बावजूद आरोप है कि संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण कार्य कराया गया और भूमि पर कब्जा दिला दिया गया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद वहां एक सूचना पट्ट लगाकर उसे वैध दर्शाने का प्रयास किया गया, जिससे पूरे मामले पर संदेह और गहरा गया है। उनका आरोप है कि इस कृत्य से सरकारी संपत्ति को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
प्रार्थी ने प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही अवैध कब्जा हटाकर भूमि को सरकारी नियंत्रण में वापस लेने की भी मांग उठाई गई है।
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