सेनानियों के सम्मान में मार्गों के नामकरण की मांग

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संवाददाता कपिल मिश्रा

सवर्ण चेतना सभा ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, गांवों की सड़कों को सेनानियों के नाम से जोड़ने का प्रस्ताव

हरदोई। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और लोकतंत्र सेनानियों के योगदान को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए सवर्ण चेतना सभा ने एक नई पहल की है। संगठन ने राज्यपाल को संबोधित एक अनुरोध पत्र राजभवन में सौंपकर मांग की है कि प्रदेश के जिन गांवों में सेनानियों का निवास रहा है, वहां के संपर्क मार्गों का नामकरण उनके नाम पर किया जाए।

​स्थायी सम्मान के लिए ठोस कदम की जरूरत सवर्ण चेतना सभा के प्रदेश अध्यक्ष व उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आदर्श दीपक मिश्र की ओर से दिए गए इस पत्र में कहा गया है कि ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ के दौरान देशभर में सेनानियों के बलिदान और संघर्ष को नई पहचान मिली है। अब समय है कि प्रदेश स्तर पर भी उन्हें स्थायी सम्मान देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि सेनानियों के पैतृक गांवों या उनके निवास स्थान तक जाने वाली सड़कों को उन्हीं के नाम से जोड़ा जाए।

​नई पीढ़ी को मिलेगी प्रेरणा संगठन का मानना है कि इस पहल से न केवल स्थानीय ग्रामीणों में गौरव की भावना जागृत होगी, बल्कि बाहर से आने वाले लोग भी क्षेत्र के महान व्यक्तित्वों के इतिहास और योगदान से रूबरू हो सकेंगे। पत्र में उल्लेख किया गया है कि:

​”मार्गों का नामकरण महापुरुषों की स्मृतियों को जीवित रखने का सबसे सुलभ माध्यम है, जिससे आने वाली पीढ़ियां प्रेरणा ले सकेंगी।”

​अमृत काल में महत्वपूर्ण पहल सभा के पदाधिकारियों ने इस मांग को ‘अमृत काल’ के संकल्पों की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। उन्होंने राज्यपाल से इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करते हुए इसे पूरे उत्तर प्रदेश में लागू करने की अपील की है। इस दौरान संगठन के अन्य प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे, जिन्होंने सेनानियों के सम्मान को राष्ट्र की प्राथमिकता बताया।

Kapil Mishra

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