संतुलित उर्वरक उपयोग पर केवीके में जागरूकता अभियान, 28 किसानों ने लिया प्रशिक्षण, वैज्ञानिक डॉ. बलवीर सिंह ने उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर विस्तृत जानकारी दी

हाथरस। स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) में ‘संतुलित उर्वरक उपयोग’ विषय पर एक दिवसीय किसान जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के 28 किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर वैज्ञानिक खेती की तकनीकों की जानकारी हासिल की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केंद्र के प्रभारी डॉ. एस. आर. सिंह ने कहा कि लगातार असंतुलित उर्वरकों के प्रयोग से मिट्टी का स्वास्थ्य तेजी से गिर रहा है, जो भविष्य की खेती के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाएं, तभी खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।
इस दौरान वैज्ञानिक डॉ. बलवीर सिंह ने उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिना योजना के रासायनिक खादों का अधिक प्रयोग न केवल भूमि की उर्वरा शक्ति को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि किसानों की लागत भी बढ़ा रहा है।
उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे मिट्टी परीक्षण के आधार पर ही उर्वरकों का उपयोग करें। इससे कम लागत में बेहतर गुणवत्ता वाली फसल प्राप्त की जा सकती है।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को रासायनिक उर्वरकों के विवेकपूर्ण और संतुलित उपयोग के प्रति जागरूक करना रहा। किसानों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए इसे अपने खेतों में अपनाने का भरोसा जताया।
Jitendra

