बहन के प्रेम-प्रसंग का विरोध करने पर भाई की हत्या, रामगंगा में डुबोकर उतारा था मौत के घाट

संवाददाता कपिल मिश्रा
मंझिला पुलिस का सनसनीखेज खुलासा: पीएम रिपोर्ट में आई थी डूबने से मौत, पुलिस ने साक्ष्यों के जाल में फंसाया
मंझिला, हरदोई। मंझिला थाना क्षेत्र के ग्राम ऑंझी में बीते फरवरी माह में हुई युवक की संदिग्ध मौत का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस मौत को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ‘पानी में डूबना’ बताया गया था, वह दरअसल एक सोची-समझी हत्या थी। पुलिस ने मृतक के तीन दोस्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हत्या की वजह मृतक की फुफेरी बहन और आरोपी के बीच चल रहा प्रेम-प्रसंग बताया जा रहा है।
गुमशुदगी से शुरू हुई थी कहानी
ग्राम ऑंझी निवासी अशोक सिंह ने 24 फरवरी 2026 को अपने पुत्र अभय प्रताप सिंह की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। अगले ही दिन जनपद फर्रुखाबाद में रामगंगा नदी से अभय का शव बरामद हुआ। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण डूबना (Drowning) आया, जिससे मामला दुर्घटना की ओर मुड़ता दिख रहा था। लेकिन परिजनों के शक और पुलिस की तफ्तीश ने कहानी पलट दी।
त्रिकोणीय जांच और ‘अग्निपरीक्षा’
अपर पुलिस अधीक्षक (सर्किल शाहाबाद) आलोक राज नारायण के निर्देशन और थानाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार के नेतृत्व में उपनिरीक्षक रमाकांत सिंह ने साक्ष्यों को जोड़ना शुरू किया। करीब एक महीने तक चली गहन जांच और संदिग्धों से पूछताछ के बाद परतें खुलती गईं। 9 अप्रैल को मृतक की मां संध्या सिंह ने आशीष, धीरज और भंवर पाल के खिलाफ नामजद तहरीर दी।
शराब पार्टी के बाद नदी में डुबोया
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। घटनाक्रम के अनुसार आरोपी धीरज सिंह का मृतक अभय की फुफेरी बहन (जो अभय के घर रहती थी) से एक साल से प्रेम-प्रसंग था। अभय को इसकी जानकारी थी और वह लगातार इसका विरोध कर रहा था।
साजिश: 24 फरवरी को आशीष उर्फ हवलदार, धीरज और भंवर पाल उर्फ मुले, अभय को बहला-फुसलाकर फर्रुखाबाद के राजेपुर क्षेत्र में घूमने ले गए।
वारदात: 25 फरवरी की शाम चारों ने पुल के नीचे शराब पी। जब अभय नशे में हो गया, तो तीनों ने मिलकर उसे रामगंगा नदी के पानी में डुबोकर मार डाला और शव वहीं छोड़कर फरार हो गए।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:
आशीष सिंह उर्फ हवलदार (निवासी ऑंझी)
धीरज सिंह (निवासी ऑंझी)
भंवर पाल सिंह उर्फ मुले (निवासी रनियामऊ, पिहानी)
Kapil Mishra

