कमीशन खोरी और सीना जोरी: हाथरस में नए करेंसी के नाम पर धांधली, रिश्वतखोरी का खेल, कैसे बनाएं विवाह शादी में रौनक -विवाह जैसे सामाजिक कार्यों के लिए भी देना पड़ रहा है हजारों रुपये का घूस -बैंक–दलाल गठजोड़ से बढ़ी परेशानी जांच और कार्रवाई की मांग तेज -शहर की सराफा बाजार के पास पत्थर वाली बाजार में सजी है नई करेंसी की दुकानें -10 रुपए के नोटों के लिए एक हजार रुपए लेने के लिए देने होंगे साढ़े 14 हजार से 15 हजार रूपये तक का कमीशन

कमीशन खोरी और सीना जोरी: हाथरस में नए करेंसी के नाम पर धांधली, रिश्वतखोरी का खेल, कैसे बनाएं विवाह शादी में रौनक
-विवाह जैसे सामाजिक कार्यों के लिए भी देना पड़ रहा है हजारों रुपये का घूस
-बैंक–दलाल गठजोड़ से बढ़ी परेशानी जांच और कार्रवाई की मांग तेज
-शहर की सराफा बाजार के पास पत्थर वाली बाजार में सजी है नई करेंसी की दुकानें
-10 रुपए के नोटों के लिए एक हजार रुपए लेने के लिए देने होंगे साढ़े 14 हजार से 15 हजार रूपये तक का कमीशन
हाथरस। क्षेत्र में नए करेंसी नोटों की उपलब्धता को लेकर धांधली और रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। शहर के सराफा बाजार के पास पत्थर वाली मार्केट में दुकान नई करेंसी से सजी हुई है। लेकिन यहां पर आपको 10 हजार लेने पर साढे 14 हजार रूपये देने होंगे। जब हमें 10 रुपए की नई करेंसी मिलेगी। यह सालों से धांधली का काम चल रहा है। सभी बैंक के इन लोगों से मिली हुई है, कमिश्नर का खेल बहुत निराला है रे भैया। सही कहा है किसी किसी ने बाप बड़ा ना भैया सबसे बड़ा रुपैया। आम लोगों का आरोप है कि विवाह जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक कार्यों के लिए भी उन्हें नए नोट प्राप्त करने हेतु हजारों रुपये की रिश्वत देनी पड़ रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, बैंकों और संबंधित दलालों के बीच मिलीभगत से यह पूरा खेल संचालित हो रहा है। शादी-ब्याह के सीजन में नए नोटों की मांग बढ़ने का फायदा उठाते हुए कुछ लोग खुलेआम अवैध वसूली कर रहे हैं। जहां एक ओर सरकार पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था की बात करती है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर हालात इसके विपरीत नजर आ रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति सीधे बैंक से नए नोट लेने जाता है तो उसे “नोट उपलब्ध नहीं हैं” कहकर लौटा दिया जाता है, जबकि दलालों के माध्यम से वही नोट आसानी से मिल जाते हैं—लेकिन इसके लिए मोटी रकम चुकानी पड़ती है। कई लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि 10 हजार रूपये के नए नोट लेने के लिए साढ़े चार हजार से पांच हजार रूपये तक अतिरिक्त देने पड़ रहे हैं।
इस संबंध में जब संबंधित अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने मामले की जानकारी से इनकार किया। हालांकि, आम जनता में इसको लेकर काफी नाराजगी है और लोगों ने प्रशासन से तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
नए करेंसी नोटों के नाम पर चल रही इस तरह की अवैध वसूली न केवल आम जनता पर आर्थिक बोझ डाल रही है, बल्कि भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा दे रही है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
Jitendra

