हाथरस में मिड-डे मील खाद्यान्न उठान में अनियमितता उजागर, दो अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश जांच में राशन डीलर व शिक्षा विभाग की भूमिका संदिग्ध, डीएम ने दिए सख्त कदम उठाने के आदेश

हाथरस में मिड-डे मील खाद्यान्न उठान में अनियमितता उजागर, दो अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश
जांच में राशन डीलर व शिक्षा विभाग की भूमिका संदिग्ध, डीएम ने दिए सख्त कदम उठाने के आदेश
हाथरस। जनपद में मिड-डे मील (एमडीएम) खाद्यान्न उठान में अनियमितता का मामला सामने आया है। जिला प्रशासन की जांच में कई गंभीर खामियां उजागर होने के बाद जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
मामला विकास खंड सादाबाद के नौगांव गांव का है, जहां राशन डीलर श्रीमती आयशा देवी पर खाद्यान्न उठान में गड़बड़ी के आरोप लगे थे। शिकायतकर्ता केशवदेव की शिकायत पर जिला पंचायत अध्यक्ष के पत्र के आधार पर जांच टीम गठित की गई थी, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी को अध्यक्ष और उपजिलाधिकारी सादाबाद को सदस्य बनाया गया।
जांच रिपोर्ट के अनुसार मिड-डे मील के तहत गेहूं और चावल के उठान में नियमों का पालन नहीं किया गया। राशन डीलर द्वारा निर्धारित स्थान के बजाय करीब 5 किलोमीटर दूर धर्मकांटा बिसावर से खाद्यान्न की ढुलाई कराई जा रही थी, जो नियमों के विरुद्ध है। साथ ही निरीक्षण के दौरान संबंधित अभिलेख भी उपलब्ध नहीं कराए गए।
जांच में यह भी सामने आया कि बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से डीसी एमडीएम से कोई पूछताछ नहीं की गई, जिससे पूरे मामले में विभागीय लापरवाही और संभावित संलिप्तता की आशंका जताई गई है। तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी आलोक कुमार श्रीवास्तव और डीसी एमडीएम अरविंद कुमार की भूमिका भी संदेह के घेरे में पाई गई है।
जिलाधिकारी अतुल वत्स ने जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले में खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
Jitendra

