प्रशासनिक हठधर्मिता से सासनी में प्याऊ तोड़े जाने पर भड़का जन आक्रोश

0
605580-0.jpg
Spread the love

605582-2.jpg 605579-1.jpg 605580-0.jpg

प्रशासनिक हठधर्मिता से सासनी में प्याऊ तोड़े जाने पर भड़का जन आक्रोश

उत्तम हिंदुस्तान संवाददाता

​सासनी. भीषण गर्मी के इस दौर में जहां एक-एक बूंद पानी के लिए हाहाकार मचा है, वहीं सासनी में प्रशासन द्वारा एक जनहितैषी प्याऊ को ध्वस्त किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। एसडीएम नीरज शर्मा की इस कार्रवाई से स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधियों में गहरा रोष व्याप्त है।
​प्राप्त जानकारी के अनुसार, सासनी नगर के मुख्य हाईवे की सीमा से बाहर स्थित खाटू श्याम मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और राहगीरों की सुविधा के लिए एक पेयजल प्याऊ का निर्माण कराया गया था। नगर पंचायत अध्यक्ष राजीव कुमार वार्ष्णेय की सहमति से बने इस प्याऊ को लेकर दावा किया गया है कि यह सड़क, नाले और फुटपाथ को किसी भी तरह बाधित नहीं कर रहा था। इसे जनहित को ध्यान में रखते हुए नाले के पीछे सुरक्षित स्थान पर स्थापित किया गया था। ​मामले की गंभीरता को देखते हुए चेयरमैन और स्थानीय लोगों ने सांसद अनूप बाल्मीकि को मौके पर बुलाया था। सांसद ने स्वयं स्थिति का मुआयना किया और प्रशासन से वार्ता कर जनहित में इस प्याऊ को न हटाने का अनुरोध किया था। लेकिन, आरोप है कि उच्च स्तर से मिले सुझावों और मानवीय संवेदनाओं को दरकिनार करते हुए, एसडीएम और हाइवे के कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे और बिना किसी पूर्व सार्वजनिक नोटिस या वैकल्पिक व्यवस्था के प्याऊ को तुड़वा दिया। ​इस कार्रवाई ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों और चेयरमैन का आरोप है कि एक तरफ जनहित के लिए बनी प्याऊ को आनन-फानन में तोड़ दिया गया, वहीं दूसरी ओर ‘दाऊजी मोहल्ले’ में सरकारी संपत्ति पर हो रहे अवैध निर्माण की लिखित शिकायत के बावजूद प्रशासन ने उसे नहीं रुकवाया। प्याऊ को हटाने से पहले न तो कोई नोटिस दिया गया और न ही संवाद की कोई प्रक्रिया अपनाई गई. हैरानी की बात यह है कि इस प्याऊ के खिलाफ किसी भी नागरिक की कोई लिखित शिकायत तक नहीं थी।
​सासनी की जनता अब आर-पार के मूड में है। लोगों का कहना है कि यह केवल ईंट-गारे के ढांचे का नहीं, बल्कि प्यासे कंठों को राहत देने के प्रयास पर प्रहार है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि:
​”प्याऊ प्रकरण” की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की जाए। ​भविष्य में जनसेवा के कार्यों को रोकने के बजाय प्रशासनिक सहयोग सुनिश्चित हो। क्या सासनी में जनसेवा के प्रयासों को इसी तरह प्रशासनिक सख्ती का शिकार होना पड़ेगा, या प्रशासन जनभावनाओं का सम्मान करते हुए अपनी गलती में सुधार करेगा एसडीएम नीरज शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि नाले पर प्याऊ का निर्माण कराया गया था, दुर्घटना होने का खतरा था इसलिए प्याऊ का निर्माण को रुकवा कर धवस्त कराया गया है.

MANOJ VAISHYA

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed