22 वर्षों से अनवरत जारी है ‘हरे राम, हरे कृष्ण’ का संकीर्तन

भक्ति की अटूट मिशाल: 22 वर्षों से अनवरत जारी है ‘हरे राम, हरे कृष्ण’ का संकीर्तन
सासनी. भक्ति और संकल्प जब मिल जाते हैं, तो वह एक इतिहास रच देते हैं। सासनी में श्री राधा कृष्ण मंदिर के प्रांगण में कुछ ऐसा ही दृश्य देखने को मिला, जहाँ श्री राधा रानी जी का विवाह महोत्सव बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर उन कर्मठ भक्तों का सम्मान किया गया, जिन्होंने पिछले 22 वर्षों से प्रभु के नाम की लौ को बुझने नहीं दिया। पन्नालाल, बादल, राजू अग्रवाल, बलवीर सिंह और विजेंद्र सिंह जैसे समर्पित भक्तों ने मिसाल पेश की है कि श्रद्धा के आगे हर बाधा बौनी है। पिछले दो दशकों से अधिक समय से चल रहा ‘हरे राम, हरे कृष्ण’ का संकीर्तन भीषण आंधी और तूफान में भी नहीं थमा। यहाँ तक कि कोरोना काल की विभीषिका भी इन भक्तों के संकीर्तन को बंद नहीं कर सकी। श्री राधा कृष्ण मंदिर में आयोजित श्री राधा रानी जी के विवाह महोत्सव के दौरान भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। इस मांगलिक उत्सव के साक्षी बनते हुए आचार्य पं. खगेन्द्र शास्त्री’ ने विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अमन श्रोती, शिवम, जतिन, संदीप, कमल, अखिलेश, मधुर, राजेश गुप्ता और चर्विक सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। यह केवल एक संकीर्तन नहीं, बल्कि सासनी की आध्यात्मिक एकता का प्रतीक है। 22 वर्षों का यह अटूट सफर नई पीढ़ी के लिए प्रेरणापुंज है। आचार्य पं. खगेन्द्र शास्त्री कार्यक्रम के अंत में उन सभी सेवादारों को सम्मानित किया गया जो इस 22 वर्षीय अखंड यात्रा के स्तंभ रहे हैं। श्री श्री हरि नाम महासंकीर्तन समिति ने पन्नालाल और उनकी टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके इस निस्वार्थ समर्पण की सराहना की। पूरे मंदिर परिसर में ‘राधे-राधे’ की गूंज और संकीर्तन की मधुर ध्वनि ने वातावरण को पूरी तरह से कृष्णमय कर दिया।
MANOJ VAISHYA

