विश्व नवकार महामंत्र दिवस पर भक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम

0
20260409_084350.jpg
Spread the love

20260409_084350.jpg

विश्व नवकार महामंत्र दिवस पर भक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम

सासनी। के एल जैन इंटर कॉलेज, सासनी में विश्व नवकार महामंत्र दिवस के पावन अवसर पर भक्ति, श्रद्धा एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त स्टाफ एवं छात्र-छात्राओं ने एकत्र होकर नवकार महामंत्र का सामूहिक जाप किया, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकाल शांत एवं अनुशासित वातावरण में हुआ। सभी उपस्थित जनों ने एक स्वर में नवकार महामंत्र का उच्चारण कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया। विद्यार्थियों में विशेष उत्साह एवं अनुशासन देखने को मिला, जिसने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया।

कार्यक्रम का सफल संचालन शोभित जैन द्वारा किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के वीरेंद्र प्रताप सिंह, पंकज जैन, विनय जैन एवं अन्य शिक्षकों ने अपने उद्बोधनों में नवकार महामंत्र की महिमा पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि यह मंत्र जैन धर्म का सर्वाधिक पवित्र और अनादि मंत्र है, जो आत्मिक शुद्धि, मानसिक शांति एवं जीवन में सदाचार की प्रेरणा देता है। वक्ताओं ने कहा कि नवकार महामंत्र में किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि उन पवित्र आत्माओं का वंदन किया गया है, जिन्होंने मोक्ष प्राप्त किया है या उसके मार्ग पर अग्रसर हैं। प्राकृत भाषा में रचित इस मंत्र में पांच पद, 35 अक्षर एवं 58 मात्राएं हैं, जो इसे अत्यंत विशिष्ट बनाते हैं। विद्यालय प्रशासन ने बताया कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों का उद्देश्य विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं संस्कारों का विकास करना है। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों ने सभी को जीवन में सत्य, अहिंसा और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उल्लेखनीय है कि विश्व नवकार महामंत्र दिवस प्रतिवर्ष 9 अप्रैल को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ही द्वारा किया गया। यह दिन जैन धर्म के इस पवित्र मंत्र के माध्यम से विश्व शांति, भाईचारे और मानवता का संदेश देने के लिए समर्पित है। यह आयोजन 108 से अधिक देशों में सामूहिक जाप के रूप में मनाया जाता है, जिससे वैश्विक स्तर पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायक एवं अविस्मरणीय अनुभव भी सिद्ध हुआ।

MANOJ VAISHYA

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed