हाथरस में रोड़ पर साइकिल सवार कई छात्राओं को देख रुके डीएम-एसपी, किया संवाद, जा रहे थे समाधान दिवस में, डीएम-एसपी की छात्राओं से संवाद की तस्वीर बनी सुर्खिया, जो आम जनों के दिल को छू गई

हाथरस। (जितेन्द्र कुमार) समाधान दिवस के लिए जाते समय जिलाधिकारी हाथरस अतुल वत्स एवं पुलिस अधीक्षक हाथरस चिरंजीव नाथ सिन्हा ने हत्तीसा पुल के नीचे स्थित चौकी पर रुककर छात्राओं एवं बच्चों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान अधिकारियों ने बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और खेलों के प्रति जागरूक करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया।
बताया गया कि चौकी पर आमजन की सुविधा के लिए रखे गए घड़ों से पानी पी रही बांग्ला इंटर कॉलेज की छात्राओं से दोनों अधिकारियों ने सहजता के साथ बातचीत की। उन्होंने छात्राओं से उनकी पढ़ाई, भविष्य के सपनों, रुचियों और जीवन के लक्ष्यों के बारे में जानकारी ली।
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने छात्राओं को शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए आत्मनिर्भर बनने, कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर आगे बढ़ने तथा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी।
इस दौरान छात्राओं को महिला सुरक्षा एवं जनसहायता से जुड़ी सेवाओं जैसे डायल-112, मिशन शक्ति अभियान, एम्बुलेंस सेवा एवं साइबर हेल्पलाइन के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। साथ ही साइबर अपराधों से सतर्क रहने, सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने और किसी भी आपात स्थिति में बिना झिझक सहायता लेने के लिए जागरूक किया गया।
संवाद के क्रम में डीपीएस स्कूल की खेल प्रतिभाओं से भी दोनों अधिकारियों ने मुलाकात की। बच्चों से उनके खेल, अभ्यास एवं उपलब्ध संसाधनों के बारे में जानकारी ली गई तथा खेलों को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव प्राप्त किए गए। अधिकारियों ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें अनुशासन, नियमित अभ्यास, सकारात्मक सोच एवं निरंतर मेहनत के माध्यम से खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
अधिकारियों ने कहा कि शिक्षा और खेल दोनों ही जीवन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का माध्यम हैं तथा मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकती हैं।
पूरा दृश्य प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली और समाज के प्रति जिम्मेदारी का उदाहरण बनकर सामने आया, जहां कुछ क्षणों के संवाद ने बच्चों के मन में प्रेरणा, विश्वास और सुरक्षा का भाव उत्पन्न किया।
Jitendra

