भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के सम्मान में जारी हुए विशेष स्मारक सिक्के ,125वीं जयंती (2015) पर 125 रुपए और 10 रुपए के विशेष सिक्के , जन्म शताब्दी (1990) पर जारी ₹1 का स्मारक सिक्का , ऐतिहासिक मुद्राओं का दुर्लभ संग्रह और उसका महत्व

भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के सम्मान में जारी हुए विशेष स्मारक सिक्के
-125वीं जयंती (2015) पर 125 रुपए और 10 रुपए के विशेष सिक्के
-जन्म शताब्दी (1990) पर जारी ₹1 का स्मारक सिक्का
-ऐतिहासिक मुद्राओं का दुर्लभ संग्रह और उसका महत्व
भारत सरकार ने डॉ. भीमराव आंबेडकर के ऐतिहासिक योगदान और सामाजिक न्याय के लिए उनके अमूल्य कार्यों को सम्मानित करने हेतु समय-समय पर विशेष स्मारक सिक्के जारी किए हैं। ये सिक्के न केवल उनकी स्मृति को जीवित रखते हैं, बल्कि देशवासियों को उनके विचारों और आदर्शों से भी जोड़ते हैं।
वर्ष 2015 में डॉ. आंबेडकर की 125वीं जयंती के अवसर पर 125 रुपए का विशेष स्मारक सिक्का जारी किया गया। यह उच्च मूल्य का सिक्का उनके राष्ट्रीय महत्व और संविधान निर्माण में उनकी भूमिका को दर्शाता है। इसी वर्ष 10 रुपए का स्मारक सिक्का भी जारी किया गया, जिसे आम प्रचलन में लाया गया ताकि आम जनता भी इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बन सके।
इसके अलावा, वर्ष 1990 में उनकी जन्म शताब्दी (100वीं जयंती) के अवसर पर ₹1 का स्मारक सिक्का जारी किया गया था। यह सिक्का उस समय डॉ. आंबेडकर के योगदान को व्यापक रूप से सम्मानित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बना।
ये सभी स्मारक सिक्के भारतीय इतिहास में डॉ. भीमराव आंबेडकर के अतुलनीय योगदान और उनके सामाजिक सुधारों की अमिट छाप को दर्शाते हैं। इसी अवसर को याद करते हुए हाथरस के जाने-माने एडवोकेट और पूर्व जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष मनमोहन शर्मा के पास मौजूद दुर्लभ और ऐतिहासिक मुद्राओं का संग्रह विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कर रहा है। हाथरस में स्थित मनमोहन शर्मा के संग्रह में भारत के प्राचीन नोट, सिक्के, पोस्टकार्ड और हुण्डी शामिल हैं। उनके संग्रह में दमड़ी, आना सहित कई ऐतिहासिक मुद्राएँ भी हैं।
Jitendra

