हाथरस में ई-लॉटरी से चार शराब दुकानों का पारदर्शी आवंटन, कलेक्ट्रेट सभागार में ऑनलाइन रैंडमाइजेशन, 102 आवेदकों के बीच लॉटरी, डीएम-एसपी रहे मौजूद

हाथरस में ई-लॉटरी से चार शराब दुकानों का पारदर्शी आवंटन, कलेक्ट्रेट सभागार में ऑनलाइन रैंडमाइजेशन, 102 आवेदकों के बीच लॉटरी
-प्रोबेबिलिटी आधारित सिस्टम से निष्पक्ष चयन, सीसीटीवी निगरानी में पूरी प्रक्रिया
-डीएम-एसपी रहे मौजूद, पूरी प्रक्रिया की कराई गई वीडियोग्राफी और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में संपन्न
हाथरस। कलेक्ट्रेट सभागार में द्वितीय चरण की ई-लॉटरी के तहत जनपद की 4 देशी मदिरा दुकानों के आवंटन हेतु रैंडमाइजेशन प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से सम्पन्न हुई। इस दौरान जिलाधिकारी अतुल वत्स एवं पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा मौजूद रहे।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित इस प्रक्रिया में सभी आवेदकों के समक्ष ई-लॉटरी का रैंडमाइजेशन किया गया। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवेदनों को एलईडी स्क्रीन पर प्रदर्शित किया गया तथा प्रत्येक आवेदक का नाम पढ़कर सुनाया गया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कार्यवाही संपन्न हुई।
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रदेश भर में एक समान ई-लॉटरी व्यवस्था लागू है, जिससे दुकानों का निष्पक्ष आवंटन सुनिश्चित होता है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया प्रायिकता (प्रोबेबिलिटी) के वैज्ञानिक सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें प्रत्येक आवेदक के चयन की संभावना समान होती है। चयन पूरी तरह कंप्यूटर द्वारा रैंडम नंबर जनरेशन के माध्यम से किया जाता है, जिससे किसी भी प्रकार के मानवीय हस्तक्षेप की संभावना समाप्त हो जाती है।
उन्होंने यह भी बताया कि इस सॉफ्टवेयर और लॉटरी प्रक्रिया को विशेषज्ञों द्वारा प्रमाणित किया गया है, जिससे इसकी निष्पक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होती है।
जिला आबकारी अधिकारी कृष्ण मोहन ने जानकारी दी कि जनपद में 4 देशी शराब दुकानों के लिए कुल 102 आवेदन प्राप्त हुए, जिन्हें स्वीकृत किया गया है और इन्हीं के बीच लॉटरी के माध्यम से आवंटन किया जाएगा।
इस अवसर पर सहायक आबकारी आयुक्त (अलीगढ़ प्रभार), जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, आवेदकगण तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
Jitendra

