नारी शक्ति को संवैधानिक अधिकार: मोदी सरकार का ऐतिहासिक फैसला, विपक्ष की राजनीति उजागर: डॉ राजेश्वर सिंह*

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*नारी शक्ति को संवैधानिक अधिकार: मोदी सरकार का ऐतिहासिक फैसला, विपक्ष की राजनीति उजागर: डॉ राजेश्वर सिंह*

*दशकों का इंतज़ार खत्म: पीएम मोदी ने महिलाओं को सदन में 33% आरक्षण का संवैधानिक प्रावधान दिया, विपक्ष अब भी असमंजस में: डॉ. राजेश्वर सिंह*

*नारी शक्ति वंदन अधिनियम: मोदी की निर्णायक पहल, कांग्रेस इसे अंतिम रूप तक नहीं पहुंचा सकी: डॉ. राजेश्वर सिंह*

*लखनऊ।* दशकों तक केवल वादों और राजनीतिक बयानबाज़ी में उलझे रहे सदन में महिला आरक्षण के मुद्दे को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी सरकार ने “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के रूप में साकार कर दिया। संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण का संवैधानिक प्रावधान सुनिश्चित करना न केवल एक ऐतिहासिक निर्णय है, बल्कि यह देश की आधी आबादी को उनके अधिकार दिलाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण केवल एक नीतिगत घोषणा नहीं, बल्कि एक व्यापक राष्ट्रीय अभियान बन चुका है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना, जन धन योजना, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण, और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली अनेक योजनाओं ने समाज के हर वर्ग की महिलाओं को नई शक्ति, सम्मान और अवसर प्रदान किए हैं। “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” इसी श्रृंखला का सबसे सशक्त और परिवर्तनकारी कदम है।

उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद उन्होंने महिला आरक्षण के मुद्दे को केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया, लेकिन कभी इसे अंतिम रूप तक नहीं पहुंचाया। आज जब यह ऐतिहासिक कानून कानून के रूप में पारित हो चुका है, जिसका क्रियान्वयन आगामी प्रक्रिया से जुड़ा है, और 16 से 18 अप्रैल तक प्रस्तावित विशेष संसद सत्र में इसके प्रभावी क्रियान्वयन व प्रक्रियात्मक पहलुओं पर चर्चा की जा रही है, तब भी विपक्ष द्वारा लगातार व्यवधान और विरोध करना उनकी नीयत पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

डॉ. सिंह ने प्रश्न उठाया कि क्या कांग्रेस और उसका नेतृत्व वास्तव में महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी देना चाहते हैं, या फिर वे इस मुद्दे को केवल एक राजनीतिक उपकरण के रूप में इस्तेमाल करते रहे हैं?

उन्होंने कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री मोदी जी का नेतृत्व है, जिसने दशकों की देरी को समाप्त कर ठोस निर्णय लिया, वहीं दूसरी ओर विपक्ष है, जो आज भी भ्रम और विरोध की राजनीति में उलझा हुआ है।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण अब केवल चर्चा का विषय नहीं, बल्कि एक सशक्त वास्तविकता है—और इसका श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दृढ़ संकल्प, स्पष्ट दृष्टि और प्रभावी नेतृत्व को जाता है।

Ashok Dwivedi

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