हाथरस में शिक्षामित्रों को मिला सम्मान, 18 हजार मानदेय पर खुशी, शिक्षामित्रों को वितरित हुए डेमो चेक, सरकार ने बढ़ाया मानदेय, शिक्षामित्रों के संघर्ष को मिला सम्मान शिक्षा व्यवस्था की नींव हैं शिक्षामित्र, जनप्रतिनिधियों ने सराहा योगदान

हाथरस। शिक्षामित्र सम्मान समारोह एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण के उपलक्ष्य में मंगलवार को सेंट फ्रांसिस इंटर कॉलेज (सीनियर विंग) के ऑडिटोरियम में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि ने की। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय, विधायक अंजुला सिंह माहौर, वीरेंद्र सिंह राणा, प्रदीप कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत और छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत से हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण दिखाया गया, जिसमें शिक्षामित्रों के सम्मान और मानदेय वृद्धि से जुड़ी घोषणाएं साझा की गईं। साथ ही शिक्षा पर आधारित लघु फिल्म और शैक्षिक कैलेंडर का विमोचन भी किया गया।
मुख्यमंत्री के उद्बोधन के बाद मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधियों ने शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय के डेमो चेक वितरित किए और उन्हें बधाई दी। सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि ने कहा कि सरकार ने शिक्षामित्रों के लंबे संघर्ष और समर्पण का सम्मान करते हुए मानदेय में वृद्धि की है। उन्होंने बताया कि पहले 3,500 रुपये से शुरू हुआ मानदेय अब बढ़कर 18,000 रुपये तक पहुंच गया है, जो एक बड़ा बदलाव है।
जनप्रतिनिधियों ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षामित्र शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं और ‘स्कूल चलो अभियान’ को सफल बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और आगे भी उनके हित में निर्णय लिए जाएंगे।
जिलाधिकारी अतुल वत्स ने कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों और शिक्षामित्रों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मानदेय वृद्धि नहीं, बल्कि शिक्षामित्रों के समर्पण का सम्मान है। उन्होंने शिक्षामित्रों से शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों को स्मृति चिन्ह और मुंशी प्रेमचंद की पुस्तक ‘गोदान’ भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पूर्व विधायक सुरेश प्रताप गांधी, शिक्षामित्र संगठन के पदाधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में शिक्षामित्र मौजूद रहे।
Jitendra

