अंबेडकर शोभायात्रा का विवाद समाप्त, लोकेंद्र बने अध्यक्ष, गिर्राज फौजी बने संरक्षक -प्रशासनिक हस्तक्षेप और समन्वयक समिति की मध्यस्थता के बाद दोनों पक्षों में सहमति

अंबेडकर शोभायात्रा का विवाद समाप्त, लोकेंद्र बने अध्यक्ष, गिर्राज फौजी बने संरक्षक
-प्रशासनिक हस्तक्षेप और समन्वयक समिति की मध्यस्थता के बाद दोनों पक्षों में सहमति
संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की शोभायात्रा नगर हाथरस में 28 अप्रैल को शाम 5 बजे संत आश्रम बगीची शीयल खेडा से निकाली जाएगी। और प्रभात फेरी 14 अप्रैल को सुबह 6 बजे राधा स्वामी बगीची आगरा रोड से प्रारंभ होकर खंदारी गढ़ी पार्क पर समाप्त होगी। इस शोभायात्रा अध्यक्ष के लिए कई दिनों से विवाद पनप रहा था। एक तरफ जाटव एकता समिति ने गिर्राज फौजी को अध्यक्ष बनाया था तो दूसरी तरफ डॉक्टर अंबेडकर अनुयायियों ने लोकेंद्र को अध्यक्ष बना दिया था। ओर एक दूसरे में टकराव की स्थिति पैदा हो रही थी। इसी तरह का विवाद पिछली बार भी हुआ था और दो-दो अध्यक्ष चुने गए थे पिछली बार भी प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा था। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कई दौर की वार्ता की लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। प्रशासनिक अधिकारियों ने कोतवाली सदर में आयोजित बैठक में एक दिन पहले एक समन्यवक कमेटी का गठन किया। समन्वयक कमेटी में एसडीएम सदर राजबहादुर क्षेत्राधिकारी योगेंद्र कृष्ण नारायण राष्ट्रीय लोकदल के जिले के महासचिव विश्वनाथ प्रताप सिंह बंटी भैया भारत समाचार के ब्यूरो चीफ शम्मी गौतम और पूर्व नगर पालिका प्रत्याशी लल्लनबाबू एडवोकेट को रखा। समाज के इन तीनों लोगों पर आपसी तालमेल बिठाकर अंबेडकर शोभायात्रा अध्यक्ष चुनने की जिम्मेदारी थी। देर रात बंटी भैया ने भारत समाचार के ब्यूरो चीफ शम्मी गौतम के कार्यालय रामलीला ग्राउंड पर लोकेंद्र पक्ष से वार्ता की। उसके बाद उन्होंने दूसरे पक्ष गिर्राज फौजी से लल्लन बाबू एडवोकेट के साथ अलीगढ़ रोड पर स्थित एक गेस्ट हाउस में वार्ता की दोनों पक्षों से वार्ता होने के बाद। ललनबाबू एडवोकेट शम्मी गौतम और बंटी भैया की दोनों पक्षों से सकारात्मक वार्ता होने पर आज इगलास रोड स्थित उदय सिंह प्रधान के गेस्ट हाउस में दोनों पक्षों की मीटिंग बुलाई गई। मीटिंग में दोनों पक्षों से वार्ता करने के बाद लोकेंद्र को डॉक्टर अंबेडकर शोभायात्रा का अध्यक्ष घोषित किया गया। ओर गिर्राज सिंह फौजी ने अपना समर्थन लोकेंद्र को दिया। इस तरह से चले आ रहे अंबेडकर शोभायात्रा के विवाद का अंत हो गया। गिर्राज फौजी को मेले का संरक्षक घोषित किया गया उनके निर्देशन में मेला निकला जाएगा । इसकी घोषणा समाज के वरिष्ठ नेता बंटी भैया ने की । जिसका समर्थन लल्लन बाबू एडवोकेट शम्मी गौतम सहित समाज के सैकड़ो की संख्या में उपस्थित लोगों ने किया। और जाटव एकता समिति को हमेशा हमेशा के लिए शून्य घोषित किया अंबेडकर शोभायात्रा निकालने का कोई अधिकार जाटव एकता समिति को अब प्राप्त नहीं है इस समिति की वजह से ही पिछली बार विवाद हुआ था और इस बार भी विवाद की स्थिति पैदा हुई अब समाज के लोग हमेशा आपस में बैठकर अध्यक्ष का चुनाव किया करेंगे। इस विवाद को खत्म कराने में राष्ट्रीय लोकदल के जिले के महासचिव और समाज के वरिष्ठ नेता बंटी भैया का बड़ा योगदान रहा। वह कोतवाली से लेकर समाज के संभ्रांत लोगों की बैठक में बड़ी बेवाकी और निष्पक्षता से पारदर्शी बात रखते हुए नजर आए और समाज में एकता बनाने में कामयाब रहे इसलिए समाज के लोगों ने उनको बहुत धन्यवाद दिया ।अध्यक्ष चुनने के बाद में लोकेंद्र का सभी लोगों ने माला पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम में पूर्व लोकसभा प्रत्याशी रामवीर सिंह भैया जी, जिला पंचायत सदस्य प्रभा सिंह, सरकार साहब एडवोकेट, काले भैया कांटे वाले, राज कपूर प्रधानाचार्य, डॉ राहुल, सरदार सुरजीत सिंह, लाखन सिंह एडवोकेट,नरेश सिंह एडवोकेट, मनीष सिंह अनुभव सिंह रामराज सिंह दिनेश सिंह एडवोकेट कमल प्रताप सिंह सहित भारी संख्या में अंबेडकर अनुयाई उपस्थित थे।
Jitendra

