15-20 दिन बाद भी नहीं मिल रहा गैस सिलेंडर, बिलग्राम में हंगामा

15-20 दिन बाद भी नहीं मिल रहा गैस सिलेंडर, बिलग्राम में हंगामा
उत्तम हिंदुस्तान संवाददाता
बिलग्राम (हरदोई)। नगर में गैस वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उपभोक्ताओं को बुकिंग के 15 से 20 दिन बाद भी रसोई गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जिससे घर-घर रसोई का संकट खड़ा हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि लोग रात 1 बजे से ही गैस एजेंसी के बाहर लाइन लगाकर सिलेंडर का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि मिस कॉल से बुकिंग और होम डिलीवरी के दावे सिर्फ कागजों तक सीमित हैं। डीएससी नंबर मिलने के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल रहा, जिससे लोग इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्होंने 10 से 15 दिन पहले बुकिंग कराई थी, लेकिन अब तक गैस की आपूर्ति नहीं हो सकी है। नगर स्थित मां इंदिरा इंडियन गैस सर्विस पर केवाईसी के नाम पर लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। इसके बाद भी उपभोक्ताओं को पर्ची कटवाने के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। पर्ची पर 10 से 15 दिन बाद की तारीख दी जा रही है, लेकिन तय समय पर गोदाम पहुंचने के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा और वहां भी लंबी कतारों का सामना करना पड़ रहा है।
गैस संकट से परेशान उपभोक्ताओं का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा और उन्होंने हाईवे जाम कर दिया, जिससे लंबा जाम लग गया। सूचना मिलने पर तहसीलदार बिलग्राम मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराकर क्रम से सिलेंडर वितरण के निर्देश दिए। वहीं थाना प्रभारी विजय कुमार ने भी लोगों से हाईवे जाम न करने की अपील की। तहसीलदार ने बताया कि गैस आपूर्ति में समस्या अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण उत्पन्न हुई थी, लेकिन सरकार लगातार स्थिति सुधारने का प्रयास कर रही है। शासन द्वारा सभी वितरकों को होम डिलीवरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद उपभोक्ताओं का कहना है कि होम डिलीवरी के नाम पर शुल्क लिया जाता है, फिर भी उन्हें लाइन में लगकर सिलेंडर लेना पड़ रहा है। शादी-ब्याह के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो गई है। कई परिवारों ने बताया कि शादी के लिए 4-5 सिलेंडर की जरूरत होती है, लेकिन समय पर गैस न मिलने से तैयारियां प्रभावित हो रही हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द व्यवस्था दुरुस्त कर नियमित आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की है।
Ashok Dwivedi

