अपह्रत चार वर्षीय बच्चे के मामले में अन्तर्राज्यीय बच्चा चोर गैंग के 5 दोषियों को दस-दस वर्ष की कैद व बीस-बीस हजार रुपये अर्थदंड की सुनाई सजा

हाथरस। अपहृत चार वर्षीय बच्चे कविश के मामले में अदालत ने अंतर्राज्यीय बच्चा चोर गैंग के पांच दोषियों को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला एडीजे-एफटीसी-1, हाथरस की अदालत ने सुनाया।
जानकारी के अनुसार, 9 मई 2025 को थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में वादी राजेश गोस्वामी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका चार वर्षीय नाती कविश घर के बाहर खेलते समय लापता हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चार टीमों का गठन किया। साथ ही एसओजी और सर्विलांस टीम को भी जांच में लगाया गया।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से करीब 500 से अधिक कैमरों की जांच की और सुरागों के आधार पर मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र होते हुए आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा तक पीछा किया। इसके बाद पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद किया।
जांच के दौरान पुलिस ने इस अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार अन्य अपहृत बच्चों को भी सुरक्षित बरामद किया था। विवेचना पूरी कर 7 अगस्त 2025 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत पुलिस और अभियोजन पक्ष ने प्रभावी पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप अदालत ने सभी पांचों दोषियों को सजा सुनाई।
सजा पाए आरोपियों में मोनू पाठक, नेहा पाठक, मेहदी पाटला राघवेन्द्र, सत्यनारायण सुब्बा लक्ष्मी और वोडेडा मल्लिकार्जुन शामिल हैं।
Jitendra

