विद्युत विभाग की लापरवाही ने ली संविदा लाइनमैन की जान

Aug 26, 2026 - 19:06
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विद्युत विभाग की लापरवाही ने ली संविदा लाइनमैन की जान

विद्युत विभाग की लापरवाही ने ली संविदा लाइनमैन की जान

एक हाथ गंवाने के बाद भी विद्युत लाइनों पर कराया जा रहा था काम, तीसरे हादसे में बुझा घर का चिराग

उत्तम हिंदुस्तान ब्यूरो अमोल श्रीवास्तव

एटा 19 अगस्त 2026 विद्युत विभाग की कथित लापरवाही ने एक संविदा लाइनमैन की जान ले ली। मलावन विद्युत उपखंड वितरण केंद्र के अंतर्गत देवपुरा क्षेत्र में बुधवार सुबह ट्रांसफार्मर का फ्यूज ठीक करने पहुंचे संविदा कर्मचारी उपेंद्र सिंह यादव (28) करंट की चपेट में आ गए। गंभीर हालत में उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

जानकारी के अनुसार, देवपुरा निवासी उपभोक्ताओं ने ट्रांसफार्मर का फ्यूज उड़ने से विद्युत आपूर्ति बाधित होने की शिकायत की थी। इसके बाद संविदा लाइनमैन उपेंद्र सिंह यादव विद्युत आपूर्ति ठीक करने पहुंचे। बताया गया कि उन्होंने मलावन विद्युत उपखंड वितरण केंद्र के एसएसओ बंटू को फोन कर आपूर्ति बंद कराने की सूचना दी। इसके बाद जैसे ही वह लाइन ठीक करने के लिए पहुंचे, ट्रांसफार्मर में दौड़ रहे करंट की चपेट में आ गए।

पहले भी गंवा चुके थे एक हाथ

परिजनों के मुताबिक, वर्ष 2024 में भी उपेंद्र सिंह यादव विद्युत करंट की चपेट में आ गए थे, जिसमें उनका एक हाथ कोहनी के नीचे से कट गया था। आरोप है कि दिव्यांग होने के बावजूद विद्युत विभाग द्वारा उनसे विद्युत लाइनों पर कार्य कराया जा रहा था। परिजनों का कहना है कि बुधवार सुबह हुआ हादसा उनके साथ तीसरी बार हुआ विद्युत हादसा था, लेकिन इस बार उनकी जान चली गई।

दो मासूम बेटों के सिर से उठा पिता का साया

उपेंद्र सिंह यादव की शादी करीब 10 वर्ष पूर्व हुई थी। उनके दो बेटे हैं, जिनमें बड़ा बेटा सात वर्ष और छोटा बेटा पांच वर्ष का है। परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत नहीं बताई जा रही है। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

विभागीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप

मृतक के छोटे भाई हेम सिंह ने मलावन के जेई, एसडीओ और एसएसओ बंटू पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण उनके भाई की जान गई है। उन्होंने विद्युत विभाग से उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की।

पोस्टमार्टम गृह पर अधिकारियों के न पहुंचने से आक्रोश

हादसे के बाद उपेंद्र सिंह यादव का शव पोस्टमार्टम के लिए शव विच्छेदन गृह भेजा गया। परिजनों का आरोप है कि काफी समय तक विद्युत विभाग के बड़े अधिकारी वहां नहीं पहुंचे, जिससे उनमें आक्रोश व्याप्त रहा। परिजनों ने विभागीय अधिकारियों की उदासीनता पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक हाथ गंवा चुके संविदा कर्मचारी को विद्युत लाइनों पर काम करने की अनुमति किस स्तर से दी गई और विद्युत आपूर्ति बंद होने की पुष्टि के बावजूद ट्रांसफार्मर में करंट कैसे दौड़ता रहा? हादसे की निष्पक्ष जांच होने पर ही इन सवालों के जवाब सामने आ सकेंगे।