अंडा फैक्ट्री के विरोध में धरना आठवें दिन भी जारी, ग्रामीण बोले— अब जीना हुआ मुश्किल
*अंडा फैक्ट्री के विरोध में धरना आठवें दिन भी जारी, ग्रामीण बोले— अब जीना हुआ मुश्किल*
संडीला (हरदोई)। भरावन ब्लॉक के ग्राम पिपरी नारायणपुर (पीपरगांव नेवादा) स्थित अंडा फैक्ट्री के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (धरतीपुत्र) एवं क्षेत्रीय ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन आज आठवें दिन भी शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा। बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा धरना स्थल पर मौजूद रहे तथा फैक्ट्री से फैल रही मक्खियों और उससे उत्पन्न हो रही समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग दोहराई।
धरने के दौरान ग्रामीणों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि अंडा फैक्ट्री से निकलने वाली दुर्गंध और लाखों की संख्या में मक्खियों के कारण सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। लोगों का कहना है कि घरों में खाना बनाना तक मुश्किल हो गया है। यदि भोजन तैयार भी कर लिया जाए तो मक्खियों की वजह से उसे खाना दूभर हो जाता है।
ग्रामीणों ने बताया कि "चाय पीने के लिए जैसे ही कप उठाते हैं, उसमें भी मक्खियां ही दिखाई देती हैं। भोजन की थाली हो या पानी का गिलास, हर जगह मक्खियों का ही कब्जा रहता है।" ऐसी स्थिति में स्वच्छ भोजन और स्वस्थ जीवन दोनों खतरे में पड़ गए हैं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि छोटे-छोटे बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। मक्खियों के आतंक के कारण बच्चे ठीक से पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं और कई बच्चे बार-बार बीमार पड़ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार बुखार, पेट संबंधी समस्याएं तथा अन्य संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। महिलाओं और बुजुर्गों को भी दिनभर मक्खियों के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
धरना स्थल पर मौजूद संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रफीक लम्बू ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्तिगत विरोध का नहीं, बल्कि लगभग 25 गांवों के हजारों लोगों के स्वास्थ्य, स्वच्छ वातावरण और सम्मानपूर्वक जीवन के अधिकार की लड़ाई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि समस्या का शीघ्र और स्थायी समाधान किया जाए ताकि क्षेत्रवासियों को इस गंभीर परेशानी से राहत मिल सके।
धरना दे रहे लोगों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी जायज़ मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका शांतिपूर्ण आंदोलन लगातार जारी रहेगा।